Saturday, 23 November 2024

ख्वाब से हकीकत तक...

 



ख्वाब से हकीकत तक...

सफ़रनामा लिखना है।।
ख्वाब से हकीक़त का
एक सपना जो संजोया था
उस से इसी जिंदगी में मिलने का
सफ़रनामा लिखना है ।।


बार बार रुके, बहुत बार टूटे
हर सवाल ने नया जवाब दिया ।
हर हार ने नयी राह दिखाई।
उन सवालो और जवाबों का
सिलसिला आज लिखना है।॥


ख्वाब बड़ा प्यारा था
हर पल हाथ थामे था।
कुछ अपने बिछड़ गए
कुछ नए रिश्ते बनते गए।
कहीं यादे बन गयी
कहीं दर्द ठहर गया।
उन यादों और दर्द का
एक बहीखाता लिखना है।
सफ़रनामा लिखना है।।


विश्वास ने उम्मीद का
दामन थाम रखा है।
ख्वाब ने हकीकत से
मिलने का वादा जो किया है।
मंज़िल की और जाते
उस रास्ते को गले लगा लिया ।
बस आज उन कदमो का
हिसाब हमें देना है।
जिंदगी की किताब का
हर नया पन्ना हमें लिखना है।
सफ़रनामा लिखना है।।

©Shalu Makhija
Nov. 16

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